खतरे के निशान से तीन मीटर ऊपर बह रहा यमुना
UP TIMES NEWS- जनपद बांदा में केन के अलावा यमुना नदी मचल रही है। यमुना नदी तीन मीटर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जल स्तर बढ़ने के चलते बांदा कानपुर मार्ग में पानी की का नजारा देखने को मिल रहा है। सड़कों में पानी आने के चलते वाहनों की आवाजाही ठप्प हो गई है।
गौरतलब हो कि केन नदी जहां खतरे के निशान से 2 मीटर नीचे बह रही है। वही यमुना नदी खतरे का निशान पार कर चुकी है। खतरे का निशान पर कर जाने के चलते कई गांव जलमग्न हो गए हैं। बांदा कानपुर मार्ग में भी पानी आ गया है। प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक केन नदी वर्तमान जलस्तर 102.44 मीटर है। पानी की प्रवाह 35389 क्यूसेक है।चेतावनी का स्तर 103.00 मीटर है। खतरे का स्तर – 104.00 मीटर एवं एच.एफ.एल. 113.29 मीटर है। यमुना नदी चिल्लाघाट, बांदा का
वर्तमान जलस्तर 102.68 मीटर एवं खतरे का स्तर 100 मीटर तथा चेतावनी स्तर 99 मीटर,एच.एफ.एल. 105.16 मीटर है। जलस्तर बढ़ने के चलते कई गांव जलमग्न हो गए हैं। विगत दिनों डीएम जे रीभा ने पैलानी क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवो का दौरा किया था। नाव में सवार होकर डीएम जे रीभा ने बढ़ते जलस्तर का आकलन करने के साथ प्रशासनिक अधिकारियों को नियमित निगरानी के निर्देश दिए थे। गांव के अलावा सड़कों में भी पानी आ गया है। बांदा कानपुर मार्ग में पानी आने के चलते पुलिस द्वारा वाहन की आवाजाही ठप्प करा दी गई है। एसपी पलाश बंसल ने बताया कि जनपद बांदा में यमुना और केन नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जिसके कारण नदी के तटवर्ती इलाकों में पानी भर गया है, मुख्य मार्गों में भी बाढ़ का पानी भर गया है। जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। बांदा चिल्ला घाट रोड में ललौली की तरफ मुख्य मार्ग में बाढ़ का पानी भर गया है, पपरेंदा से चिल्ला के बीच भी मुख्य मार्ग में बाढ़ का पानी आ गया है। जिससे बांदा चिल्ला कानपुर मार्ग में वाहनों का आना जाना बंद हो गया है। बांदा बबेरू राजापुर मार्ग में कमासिन और राजापुर के बीच मुख्य मार्ग में पानी भर गया है। जिससे वाहनों का आना जाना बंद है।जनपद हमीरपुर में भी यमुना बेतवा नदी में बाढ़ की स्थिति के कारण पपरेंदा से हमीरपुर की तरफ वाहनों को बंद कर दिया गया है। बांदा से कानपुर, फतेहपुर और प्रयागराज जाने के लिए बेंदाघाट पुल,औगासी घाट पुल से या बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से आ जा सकते है। एसपी ने अपील की है कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जलमग्न मार्गों और रपटों से वाहन न ले जाएं, ऐसे मार्गों में पैदल भी न चलें। बाढ़ को देखने और सेल्फी आदि लेने के लिए नदी के किनारे या बाढ़ ग्रस्त मार्गों में भ्रमण न करें। सुरक्षित मार्गों से अपने गंतव्य को जाएं। यातायात के नियमों का पालन करें, सुरक्षित रहे।
