सफर के दौरान रिक्शा में छूट गया था छात्रा का बैग
बैग खोजने में पुलिस के खास काम आया ई रिक्शा का बारकोड
UP TIMES NEWS-
रिक्शा में छूटने बैग को तलाशने में एसपी पलाश बंसल का इस सत्यापन प्लान बेहद काम आया है। जैसे ही पुलिस को रिक्शा में बाइक छूटने की शिकायत मिली तो तत्काल पुलिस ने बारकोड की मदद से रिक्शा चालक को खोज निकाला। बैग को बरामद करते हुए छात्रा के सुपुर्द किया।
शनिवार को हर्षिका पुत्री राम प्रकाश निवासी बबेरू जो एलएलबी 4जी ईयर की एकलव्य महाविद्यालय की छात्रा है कल दोपहर लगभग 3 बजे मेडिकल कॉलेज से स्वराज कॉलोनी के लिए ई-रिक्शा पर बैठी हुई थी। स्वराज कॉलोनी पहुंचते ही उतर गईं और ई-रिक्शा पर रखा हुआ अपना बैग उठाना भूल गई। घर पहुंचने के बाद उसको अपने बैग की याद आई जब तक काफी देर हो गई थी। रिक्शा वाला भी सवारी उतार कर जा चुका था काफी प्रयास करने के बाद नहीं मिला। रास्ते के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद रिक्शा पर लगा हुआ 27 नंबर का टैग दिखाई दे रहा था। यातायात प्रभारी संजय मिश्रा को इसकी जानकारी दी गई। यातायात प्रभारी के द्वारा रजिस्टर में रजिस्टर्ड नाम पता एवं कांटेक्ट नंबर के माध्यम से रिक्शा चालक से संपर्क किया गया। उसने बताया यह बैग छूट गया था और मैं दोबारा वापस वहां गया तो वहां कोई नहीं मिला फिर बैग अपनी गाड़ी सुरक्षित रख लिया जो आज भी सुरक्षित रखा हुआ है। यातायात प्रभारी के फोन होने के बाद तुरंत आया और वापस हर्षिका को बैग दिलाया गया। हर्षिका ने बैग मिल जाने पर सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद दिया और कहां की इस प्रकार से पुलिस प्रशासन के द्वारा जनता की जो मदद की जा रही है वह तारीफ के काबिल है वह स्वयं अपने परिवार, पड़ोसियों, कॉलेज में पढ़ने वाले सभी लोगों को इसकी जानकारी देगी की टोकन नंबर लगे हुए ई रिक्शों के इस्तेमाल करें और टोकन नंबर याद रखें सभी का हृदय से आभार व्यक्त किया। यातायात, पुलिस प्रशासन के द्वारा जो रिक्शो का रजिस्ट्रेशन करा नंबर टैग लगाएं गए हैं। उनका संपूर्ण बायोडाटा यातायात विभाग पास सुरक्षित है उनको जो टोकन नंबर दिया गया है उसमें नाम पता आधार कार्ड नंबर एवं मोबाइल नंबर फोटो आदि सम्मिलित है। संजय मिश्रा प्रभारी यातायात द्वारा के द्वारा बताया गया है कि वर्तमान में करीब 3000 से अधिक ई रिक्शा रजिस्टर्ड है 2700 के लगभग जिनके सभी कागज पूर्ण है उनको लाल टोकन दिया गया और जिनके पास वाहनों के कागज नहीं है लगभग संख्या 300 है जिनको नीला टैग दिया हुआ है सभी का पूर्ण बायोडाटा हमारे पास सुरक्षित है। यात्रियों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए हम सभी नगर एवं जनपद की जनता से अपील करते हैं कि जिन ई रिक्शों में टैग लगे हुए हैं केवल उन्हीं ई रिक्शों पर ही बैठने का प्रयास करें और बैठने से पूर्व ई रिक्शा टोकन नंबर जो आगे भी और पीछे भी लगा हुआ है उसको याद रखें ताकि किसी भी प्रकार की घटना घटित होने पर टोकन नंबर के माध्यम से उसका पता लगाया जा सके। जिसका की आज हर्षिका को फायदा मिला और खोया हुआ बैग वापस दिलाया गया है।
