इलाज के अभाव में घर में तोड़ा दम
ब्लेड से रेता था खुद का गला
UP TIMES NEWS- गला रेतने के बाद घर में जिंदगी मौत के बीच संघर्ष कर रहा राजेंद्र आखिर इस दुनिया से अलविदा हो गया। इलाज के अभाव में घर में उसने दम तोड़ दिया।
जनपद बांदा के तिंदवारी थाना क्षेत्र के भिड़ौरा गांव निवासी 40 वर्षीय राजेद्र उर्फ चिक्कू पुत्र गगवा वर्मा मजदूरी करने हरियाणा गया था। 10 जुलाई को मजदूरी करते समय शटरिग गिर जाने से वह दब कर घायल हो गया था। उसकी रीढ की हडड़ी में दिक्कत होने के कारण वह उठ बैठ नही पाता था। ठेकेदार ने इलाज करवाने के बाद पांच हजार देकर राजेद्र को गांव भेज दिया था। मृतक के बड़े भाई भागीरथ ने बताया कि उसने इलाज में पचांस हजार रूपया खर्च कर दिया था। इलाज के लिए ले उसे कानपुर ले गए थे। वहां के डॉक्टरो ने इलाज में 15 से बीस लाख रूपए का खर्च बताया था। इतना रूपया न होने के कारण वह घर पर ही पड़ा रहता था। इसी से परेशान होकर उसने 29 जुलाई की देापहर ब्लेड़ से खुद गला रेत लिया था। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे जिला अस्पताल से रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज भेज दिया गया था। घर वालो ने उसे मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। कुछ दिन तो इलाज करवाया। लेकिन धनाभाव के कारण परिजन राजेद्र को लेकर गांव चले गए। मंगलवार की शाम इलाज के अभाव में उसने दम तोड़ दिया।