स्टाफ की कमी से पीएचसी बना शोपीस

फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा जसपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

UP TIMES NEWS- बांदा जिले के जसपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों भगवान भरोसे चल रहा है। करोड़ों रुपए के लागत से बना अस्पताल स्टाफ की कमी से महज शोपीस बना हुआ है। डॉक्टर सहित अन्य स्टाफ न होने कारण ग्रामीणों को उपचार का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सपा नेता ने प्रदेश सरकार से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक सहित अन्य स्टाफ की उपलब्धता कराये जाने की मांग की है।
समाजवादी पार्टी के नेता पुष्पेंद्र सिंह चुनाले ने बताया कि चंदवारा गांव के पीएचसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 2019 से लगातार शिकायतों के बाद भी अभी तक यहां पर पूर्णकालिक डॉक्टर तथा स्वीपर, एलटी के अलावा अन्य स्टाफ नहीं है। केवल एक फार्मासिस्ट के भरोसे करोड़ों रुपए की लागत से बना अस्पताल चल रहा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया है कि ऐसे कैसे इलाज होगा ग्रामीण जनता का ? कहा कि
क्षेत्र में प्राइवेट झोलाछाप डॉक्टर गरीब जनता का इलाज के नाम पर खून चूस रहे है। गरीब जनता इलाज के नाम पर लुट रही है! वहीं प्रदेश सरकार अपने आंकड़े फिट करने में व्यस्त है। इस सम्बंध में सपा नेता ने सीएमओ से वार्ता की। वार्ता के दौरान सीएमओ ने कहा पूरे जिले में 121 डॉक्टरों के सापेक्ष केवल 36 डॉक्टर हैं। अस्पताल के लिए नियमित डॉक्टर नहीं दे सकते। सपा नेता ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द पीएचसी चंदवारा में समस्त स्टाफ की नियुक्ति की जाए। जिससे क्षेत्र के लगभग 10 से 15 गांव के ग्रामीण आसानी से अपना उपचार करा सकें। उन्होंने यह भी बताया कि जसपुरा ब्लॉक में 3 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं और सबके हाल बेहाल हैं।आखिर प्रदेश सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को क्यों गांव की गरीब जनता से दूर कर रही है।

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