राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने लगाया आरोप
UP TIMES NEWS- प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने के नाम पर जानबूझकर मनमानी की जा रही है। जल्दी भुगतान की चक्कर मे कम्पनी मनमानी करने पर आमादा है।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने में भी मनमानी का आरोप लगाया है। परिषद का कहना है कि ऑल इंडिया डिस्काॅम एसोसिएशन पूरी तरह प्रदेश के उपभोक्ताओं के घरों में जल्द से जल्द स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगवाने में जुटी है। क्योंकि उन्हें पता है कि प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर का टेंडर 8500 करोड़ अधिक दर पर हुआ है। मीटर लगेंगे तभी उनका भुगतान होगा। प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के टेंडर के लिए केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने 18885 करोड़ अनुमोदित किया था, लेकिन प्रदेश में टेंडर 27342 करोड़ का जारी किया गया है। ऐसे में करीब 8500 करोड़ ज्यादा खर्च किया जा रहा है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि मीटर की लागत प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं से नहीं वसूली जा सकती। इसके लिए केंद्र सरकार ने आदेश जारी कर रखा है।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने कहा कि निजीकरण की आड़ में बिजली कर्मचारियों पर लगातार उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा रही है। इससे बिजली कर्मियों में आक्रोश बढ़ रहा है। संघर्ष समिति ने कहा कि तमाम कार्मिकों को 3 माह से वेतन नहीं दिया गया है जो पूरी तरह अमानवीय है। संविदा कर्मियों को 55 वर्ष की आयु के नाम पर निकाला जा रहा है। जिससे कर्मचारियों में रोष है।
