दो शूटरों का एसटीएफ पहले ही कर चुकी है एनकाउंटर
पकड़े गए शूटरों का सामने आया बागपत कनेक्शन
UP TIMES NEWS- अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर में फायरिंग करने के मामले में एक-एक लाख के इनामी दो शूटर पकड़े गए हैं। इसके पहले दो शूटरों को एनकाउंटर में मार गिराया गया है।
उत्तर प्रदेश के बरेली में 11 सितंबर की रात अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर के पास अचानक गोली चलने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। हालांकि ये सिर्फ हवाई फायर था, लेकिन धमाके की आवाज ने लोगों को चौंका दिया। उस वक्त परिवार को कुछ पता नहीं चला। सुबह पड़ोसियों ने जब कारतूस का खोखा दिखाया तो लोग समझ पाए कि रात में फायरिंग हुई थी। पुलिस को शुरुआती जांच में कारतूस के खोखे और स्थानीय लोगों के बयान से जानकारी मिली। इस घटना ने साफ कर दिया कि शूटर्स सिर्फ चेतावनी देना चाहते थे, लेकिन इसके पीछे बड़ी साजिश थी।
दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग ने सिर्फ बरेली ही नहीं, बल्कि पश्चिमी यूपी के बागपत जिले को भी सुर्खियों में ला दिया। जांच में सामने आया कि इस पूरी साजिश के धागे बागपत से जुड़ रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने जिन दो शूटरों नकुल और विजय को गिरफ्तार किया। वह मूल रूप से बागपत के रहने वाले हैं।
शूटरो पर था एक-एक लाख का इनाम
अभिनेत्री के घर में फायरिंग करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने नकुल और विजय नाम के दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से हथियार भी बरामद किए गए। बरेली पुलिस ने पहले ही इन पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। गिरफ्तारी बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस अब दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी ताकि गैंग की साजिश का खुलासा हो सके। गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले ने और तूल पकड़ लिया है। क्योंकि इसमें बागपत कनेक्शन सामने आया है। गांव-गांव में चर्चा है कि आखिर कैसे बागपत का युवा इतना बड़े गैंग से जुड़ गया और फिल्म अभिनेत्री के घर फायरिंग जैसी वारदात का हिस्सा बन गया। यह घटना बागपत के लोगों के लिए चौंकाने वाली है।
पकड़े गए शूटरों ने पहले दिन की फायरिंग
शूटर नकुल और विजय बागपत जिले के रहने वाले हैं। इससे यूपी में इस मामले की गूंज और तेज हो गई। जांच में सामने आया कि 11 सितंबर की रात पहली बार फायरिंग इन्हीं दोनों ने की थी। इनका संबंध कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बरार और रोहित गोदारा गिरोह से बताया जा रहा है। बागपत में इनके गांवों की चर्चा अब हर जगह है और लोग हैरान हैं कि स्थानीय युवक कैसे गैंग का हिस्सा बन गए। गैंग ने अगले दिन रविंद्र और अरुण को फायरिंग का आदेश दिया। इन दोनों ने दहशत फैलाने के लिए सीधी गोली चलाई। बरेली और एसटीएफ की टीम ने तुरंत कार्रवाई की और गाजियाबाद में हुई मुठभेड़ में दोनों को मार गिराया। दोनों शूटरों के पास से अवैध हथियार भी बरामद हुए, जिससे उनकी गैंग में सक्रियता साफ हुई।
