कर्ज चुकाने के लिए दोस्तों ने रची साजिश
थाईलैंड के गैंगस्टर के नाम से रंगदारी मांगने के साथ दी जान से मारने की धमकी
UP TIMES NEWS- थाईलैंड के गैंगस्टर ले नाम से क्यू आर कोड भेजकर दो करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने तीन परिचितो को पकड़ा है।
तीन दोस्तों ने कर्ज चुकाने के लिए करोल बाग के एक बड़े ज्वेलर से नामी गैंगस्टर का नाम लेकर दो करोड़ की रंगदारी मांग ली। किसी को शक न हो इसके लिए तीनों दिल्ली से थाईलैंड पहुंचे। वहां से एक सिमकार्ड खरीदकर उसी से व्हाट्सएप कॉल की गई। रकम न देने पर ज्वेलर के तीन बच्चों की गोली मारकर हत्या करने की धमकी दी गई। शिकायत मिलने के बाद देशबंधु गुप्ता रोड और साइबर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तीनों आरोपियों को थाईलैंड से दिल्ली पहुंचते ही गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान सुमित मनचंदा, प्रिंस और नीतिश के रूप में हुई है। आरोपी नीतिश लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से ग्रेजुएट है, वहीं सुमित भी बीकॉम पास है।पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल दो मोबाइल फोन व अन्य सामान बरामद किया है।
आरोपियों ने खुलासा किया है कि इनके ऊपर एक करोड़ से अधिक का कर्ज है। उसे चुकाने के लिए रंगदारी मांगने की साजिश रची। पुलिस से बचने के लिए वह थाईलैंड पहुंचे और वहां से कॉल की।
मध्य जिले के पुलिस उपायुक्त निधिन वाल्सन ने बताया कि पिछले दिनों देशबंधु गुप्ता रोड थाना पुलिस को रंगदारी मांगने की शिकायत मिली थी। पीड़ित ने बताया कि थाईलैंड में मौजूद गैंगस्टर ने परिवार को जान से मारने की धमकी देकर दो करोड़ रुपये की मांग की है। रुपये क्रिप्टो करेंसी में मांगे गए हैं। रुपये की पेमेंट के लिए एक क्यूआर कोड भी उसके व्हाट्सएप पर भेजा गया है। फौरन थाना प्रभारी रणधीर सिंह, साइबर थाना प्रभारी संदीप पंवार व अन्य की टीम ने छानबीन शुरू की।
आधुनिक टूल बने मददगार
रंगदारी का मामला संज्ञान में आने के बाद इंस्पेक्टर संदीप पंवार ने वरिष्ठ अधिकारियों के जरिये गृहमंत्रालय के आई4सी से मदद ली। कई पेड साइबर आधुनिक टूल की मदद ली गई। कॉलर की लोकेशन थाईलैंड की मिली। क्यूआर कोड की मदद से आरोपियों की पहचान कर ली गई। टीम उनके घरों के पास तैनात कर दी गई। सुमित को पंजाबी बाग, प्रिंस को पुलबंगश में रोशनआरा रोड व नीतिश को मोती नगर से दबोचा। थाईलैंड की सिम वाला मोबाइल व क्यूआर कोड बनाने वाला मोबाइल भी बरामद कर लिया गया। वही अन्य फ्लू पर भी छानबीन की जा रही है
पहले से था घर आना-जाना
पीड़ित सुमित ने बताया कि उसका ज्वेलरी का काम है। वह पीड़ित को अच्छी तरह जानता है। उसका पीड़ित के घर आना-जाना था। दोस्त प्रिंस व नीतिश पर भी कर्ज था। उसको चुकाने के लिए सुमित ने साजिश रचकर दोस्तों को भी शामिल किया। नीतिश ट्रैवल एजेंसी चलाता है। उसकी अच्छी खासी आमदनी भी होती है। बावजूद इसके उसने रंगदारी में शामिल होने के लिए हां कर दी। पुलिस से बचने के लिए थाईलैंड में रहने वाले गैंगस्टर के नाम पर रंगदारी की साजिश रची। तीनों थाईलैंड पहुंचे और वहां से कॉल कर रंगदारी मांगी गई। जिसकी शिकायत पीड़ित ने स्थानीय प्रशासन से की थी।