बाँदा-अब श्रवण बाधित पीड़ितों की समस्या का भी आसानी से हो सकेगा निदान

सांकेतिक भाषा से संबंधित पुलिस लाइन में आयोजित हुआ प्रशिक्षण

कर्मियों को सांकेतिक भाषा को लेकर किया गया प्रशिक्षित

UP TIMES NEWS- श्रवण बाधित पीड़ितों की भी समस्या का अब आसानी से निदान हो सकेगा। इसको लेकर पुलिस लाइन में पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। ताकि उन्हें सांकेतिक भाषा का ज्ञान हो सके।

मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन में अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज की अध्यक्षता में अखिल उत्तर प्रदेश बधिर संस्था (एयूपीएडी) के सहयोग से विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण देकर श्रवणबाधित (डीईएएफ) व्यक्तियों के साथ संवाद में आने वाली बाधाओं को दूर करना और पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक समावेशी एवं प्रभावी बनाना है। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा पुलिसकर्मियों को सांकेतिक भाषा की बुनियादी जानकारी दी गई तथा व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। प्रशिक्षण का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना था कि पुलिसकर्मी श्रवणबाधित नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों को सहज रूप से समझ सकें और उन्हें आवश्यकतानुसार शीघ्र एवं उचित सहयोग प्रदान कर सकें। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने कहा कि समाज के हर वर्ग तक न्याय और सुरक्षा सेवाएं पहुंचाना पुलिस का दायित्व है। ऐसे प्रयास पुलिस और नागरिकों के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी साबित होंगे तथा आशा व्यक्त की कि इस कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान न केवल पुलिस की कार्यशैली में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा बल्कि पुलिस को ऐसे नागरिकों के प्रति संवेदनशील भी बनाएगा। कार्यशाला में (एयूपीएडी) के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अदनान खान द्वारा दिए गए सहयोग की अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज द्वारा सराहना की गई तथा इस अवसर पर आए सभी प्रशिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर क्षेत्राधिकारी बबेरू सौरभ सिंह आदि मौजूद रहे।

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