डिप्टी एसपी ने साइबर अपराध से बचाव के बताए टिप्स
अनजान लिंक न खोलने तथा फर्जी अधिकारी बनकर बात करने वालों से सतर्क रहने की दी नसीहत
UP TIMES NEWS- सत्यापन के बाद ही गोपनीय जानकारियां दूसरे से साझा करें। फर्जी अधिकारी बनकर कॉल करने वालों से सतर्क रहें। डिप्टी एसपी ने लोगों को साइबर अपराध के प्रति जानकारी देते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं रोकथाम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में साइबर जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को पुलिस उपाधीक्षक पीयूष कुमार पाण्डेय द्वारा थाना अतर्रा में लोगों को साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरुक किया गया। इस दौरान नागरिकों को आधुनिक साइबर अपराधों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। साइबर अपराधों के नवीनतम प्रकार जैसे- ओटीपी फ्रॉड, जिसमें ठगों द्वारा कॉल या मैसेज के ज़रिए उपयोगकर्ताओं से ओटीपी लेकर उनके बैंक खातों से पैसे उड़ा लेते हैं। केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी,जिसमें फर्जी कॉल्स या लिंक भेजकर उपयोगकर्ताओं से उनके पर्सनल और बैंकिंग डिटेल्स मांगी जाती हैं।

यूपीआई स्कैम (UPI Scam): UPI पेमेंट लिंक या QR कोड स्कैन करवाकर खातों से राशि चुरा ली जाती है। सोशल मीडिया हैकिंग,जिसमें सोशल मीडिया अकाउंट्स को हैक कर उनसे फर्जी संदेश भेजकर लोगों से पैसे मंगवाए जाते हैं। फर्जी कॉल्स,जिसमें खुद को बैंक अधिकारी,पुलिस या किसी प्रतिष्ठित संस्था का प्रतिनिधि बताकर ठगी की जाती है। फिशिंग ईमेल्स (Phishing Emails) जिसमें आकर्षक ऑफर्स या नौकरी के नाम पर ईमेल भेजकर यूजर्स की निजी जानकारी जुटाई जाती है, आदि नवीनतम तरिके के साइबर अपराधों के बारें में जानकारी देकर जागरूक किया गया कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या मैसेज पर विश्वास न करें और बिना सत्यापन के कोई भी जानकारी साझा न करें। साथ ही साइबर अपराध की स्थिति में नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की डिप्टी एसपी पीयूष पांडे के द्वारा सलाह दी गई। तिंदवारी पुलिस द्वारा स्कूली छात्राओं को मिशन शक्ति के तहत जागरूकता का पाठ पढ़ाया गया है। पुलिस द्वारा बालिकाओं को जागरूकता के साथ आत्मनिर्भर बनने के गुर सिखाए गए।
