सूचना पर सीबीआई ने बिछाया पकड़ने का जाल
UP TIMES NEWS- घूस का लेनदेन करते सीबीआई ने सीबीएन के दो निरीक्षक तथा नर्सिंग होम के संचालक को पकड़ा है।
सीबीआई ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (सीबीएन) के दो निरीक्षकों और एक नर्सिंग होम संचालक को 10 लाख रुपये की घूस का लेन-देन करते हुए मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों निरीक्षक महानगर स्थित सीबीएन कार्यालय में नर्सिंग होम संचालक से घूस ले रहे थे, जहां पहले से मुस्तैद सीबीआई की टीम ने तीनों को पकड़ लिया। देर शाम तक सीबीआई की टीम सीबीएन के कार्यालय और आरोपी निरीक्षकों के आवास पर छापा मारकर छानबीन कर रही थी। इधर सीबीआई की टीम ने बुधवार को उन दो बिचौलियों को भी गिरफ्तार कर लिया है जिनके माध्यम से यह डील चल रही थी। अब तक इस मामले में छह गिरफ्तारी हो चुकी हैं। बता दें कि सीबीआई को विश्वस्त सूत्रों से सूचना मिली थी कि सीबीएन के निरीक्षक महिपाल सिंह अपने साथी निरीक्षक रवि रंजन के साथ मिलकर जानकीपुरम स्थित देवा नर्सिंग होम के संचालक गयासुद्दीन अहमद से 10 लाख रुपये की घूस लेने वाले हैं। दरअसल, महिपाल सिंह ने बीते दिनों प्रतिबंधित दवा कोडीन सिरप की खेप के साथ रोशन लाल नामक आरोपी को गिरफ्तार किया था। जिससे पूछताछ में गयासुद्दीन को भी सिरप बेचने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद निरीक्षक महिपाल सिंह और रवि रंजन ने बिचौलिए सुनील जायसवाल के जरिए गयासुद्दीन और उनके बेटे काकूब से संपर्क किया और केस में उनका नाम नहीं शामिल करने के बदले 10 लाख रुपये की घूस मांगी। दोनों ने घूस की रकम नहीं मिलने पर उन्हें केस में फंसाने की धमकी दी। सीबीआई को सूचना मिली थी कि मंगलवार शाम गयासुद्दीन घूस की रकम देने सीबीएन कार्यालय जाएगा, जिसके बाद सीबीआई की टीम ने तत्पतरता दिखाते हुए सीबीएन कार्यालय पर छापा मारकर तीनों के पास से 10 लाख रुपये की रकम को बरामद कर लिया। सीबीआई ने महिपाल सिंह, रवि रंजन और गयासुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि काकूब और सुनील जायसवाल से पूछताछ की जा रही है। दोनों को देर रात गिरफ्तार किया जा सकता है। सीबीआई ने पांचों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया है।
बता दें कि महानगर स्थित मंदिर मार्ग में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के उप नारकोटिक्स आयुक्त का कार्यालय है, जो वित्त मंत्रालय, राजस्व विभाग के अधीन आता है। मंगलवार शाम सीबीआई के छापे के दौरान हड़कंप मच गया। सीबीआई की टीम ने कार्यालय में सबके आने-जाने पर रोक लगा दी, जिसके बाद हर कमरे की गहनता से तलाशी ली गई।