लखनऊ-फर्जी आधार कार्ड बनाने के मामले में एटीएस ने दो को किया गिरफ्तार

नसीम है गैंग का सरगना, अन्य सदस्यों की भी जारी है तलाश

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से पकड़े गए सिंडिकेट के दो सदस्य

UP TIMES NEWS- फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले सिंडिकेट को एटीएस ने पकड़ा है। गैंग के दो सदस्यों को एटीएस ने सहारनपुर से गिरफ्तार किया है। पाकिस्तान के भी इनके द्वारा आधार कार्ड बनाने के मामले प्रकाश में आये हैं। गिरोह के तार कई प्रांतों से जुड़े हैं।
उत्तर प्रदेश में एटीएस ने बांग्लादेशी,रोहिंग्या नागरिकों का फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह के दो और सदस्यों को बृहस्पतिवार देर रात सहारनपुर से गिरफ्तार किया है। इनमें बेहट निवासी अक्षय सैनी और थाना कोतवाली देहात निवासी तालिब अंसारी शामिल है। इस मामले में एटीएस अब तक 10 लोगों को दबोच चुकी है।

कई प्रांतों से जुड़े हैं गिरोह के तार
गैंग के तार यूपी, पश्चिम बंगाल, बिहार, दिल्ली, एनसीआर के साथ राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और हरियाणा तक फैले हैं। इस गिरोह का सरगना आजमगढ़ का मोहम्मद नसीम है। इसे बाकी सात लोगों के साथ बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया था। एटीएस गिरोह के बाकी सदस्यों को तलाश रही है। एटीएस का दावा है कि अन्य सदस्यों को भी जल्द पकड़ा जाएगा। एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि यह गिरोह इलेक्ट्रॉनिक और मैनुअल तरीके से बांग्लादेशी एवं रोहिंग्या घुसपैठियों के साथ विदेशी नागरिकों और अपात्रों के फर्जी आधार कार्ड समेत भारतीय नागरिकता के तमाम दस्तावेज बनाता है। बताया कि गिरोह के सदस्य पंजीकृत जनसेवा केंद्रों में नौकरी करके सरकारी दस्तावेज बनाने की प्रक्रिया को समझते हैं। इसके बाद अधिकृत यूजर आईडी, पासवर्ड, थंब इंप्रेशन, आईरिश स्कैन अवैध रूप से हासिल करते हैं। वह अधिकृत लैपटॉप के मैक नंबर फाइंडिंग और जीपीएस को बाईपास कर फर्जी दस्तावेज बनाने का काम करते हैं। दलालों के माध्यम से ऐसे लोगों से संपर्क करते हैं। इनके पास भारतीय नागरिकता का कोई दस्तावेज नहीं है।
ऐसे लोगों के फर्जी दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, शपथ पत्र आदि तैयार करने के बाद आधार कार्ड बनाता है। खासकर वर्ष 2023 के बाद 18 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों का सीधे आधार बनाने पर लगी रोक के मामले में वह फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर उनकी आयु कम दर्शा देता था। फिर, उनके आधार कार्ड जारी कर देता है। इसके लिए वह डमी यूजर भी बनाने के साथ सिस्टम आईडी का दुरुपयोग भी करते हैं। एटीएस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह द्वारा बनाए गए फर्जी आधार कार्ड के जरिये पासपोर्ट बनवाने वालों में बांग्लादेशी, रोहिंग्या, नेपाली नागरिकों के साथ पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल हैं। फर्जी आधार कार्ड बनाने के लिए यह गिरोह दो हजार रुपये से लेकर 40 हजार रुपये तक वसूलता था। इनका गोरख धंधा पिछले काफी समय से चल रहा था।

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