टेक्निकल सपोर्ट के जरिए बना रहे थे नागरिकों को ठगी का शिकार
झूठ वायरस का जालसाज साथ दिखाते थे अलर्ट
UP TIMES NEWS- सहारनपुर पुलिस ने फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर में छापेमारी करते हुए कई युवतियों सहित 11 लोगों को पकड़ा है। सॉफ्टवेयर के माध्यम से वायरस का अलर्ट दिखाकर यह नागरिकों को ठगी का शिकार बनाते थे।सहारनपुर जनपद में घंटाघर स्थित एक होटल में चल रहे फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। कॉल सेंटर के माध्यम से अमेरिका के नागरिकों को टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर साइबर ठगी का शिकार बनाया जा रहा था। पुलिस ने मौके से 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिनमें सात पुरुष और चार महिलाएं शामिल हैं। उनके पास से 14 लैपटॉप, 11 मोबाइल, पांच हैडफोन, तीन चार्जर और 4900 रुपये नकद बरामद किए हैं। शुक्रवार को पुलिस लाइन में एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से शहर कोतवाली व साइबर क्राइम पुलिस को घंटाघर स्थित एक होटल से संदिग्ध गतिविधि होने की जानकारी मिल रही थी। शुक्रवार को पुलिस ने होटल में छापा मारकर फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया। मौके से दिल्ली निवासी रोहित शर्मा, करण सरीन, सोनिया, विक्रम, असम निवासी अलींग दौलगुपुनू, मणिपुर निवासी जसटीन उर्फ जेनगुलीन सिंगसन, सैमुअल, दार्जलिंग निवासी प्रयास, निकिता, नागालैंड निवासी चेनॉयहुन, सायरोनिलिया को पकड़ा है। यह पिछले करीब एक महीने से होटल में फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि अमेरिका के नागरिकों के कंप्यूटर सिस्टम में वायरस युक्त पॉप-अप मैसेज भेजते थे। फिर खुद को टेक्निकल सपोर्ट एजेंट बताकर आई बीम कॉलिंग माइक्रोसिप इनकमिंग एप्लिकेशन के जरिए कॉल करते थे। अल्ट्राव्यूअर नामक सॉफ्टवेयर डाउनलोड कराकर कंप्यूटर का स्क्रीन एक्सेस लेते और झूठे वायरस अलर्ट दिखाते थे। इसके बाद ग्राहक को बताया जाता कि उन्होंने प्रतिबंधित वेबसाइटों पर लेन-देन किया है। डराने के बाद उन्हें गूगल प्ले, एप्पल, टारगेट, नाइक जैसे गिफ्ट कार्ड्स खरीदने को मजबूर किया जाता। यह गिफ्ट कार्ड्स मैनेजर अनिरुद्ध व साथी रविंद्र सिंह तक पहुंचाकर रिडीम किए जाते और रुपये वसूले जाते। आरोपी विक्रम के खिलाफ गुरुग्राम के थाना उद्योग नगर में भी केस दर्ज है। पुलिस ने बताया कि इनका गोरख धंधा काफी के समय से चल रहा था। कहा कि सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है।