लगातार बढ़ रहे जलस्तर के चलते चपेट में आए कई गांव
डीएम तथा एसपी की लगातार बनी हुई है नजरे
UP TIMES NEWS- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में केंद्र तथा यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदियों के जलस्तर बढ़ने के चलते कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। वहीं डीएम,एसपी लगातार नदी के अलावा प्रभावित गांवों में अपनी नजर बनाए हुए हैं।
गौरतलब हो उत्तर प्रदेश के बाँदा में केन तथा यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हालांकि खतरे के निशान से दोनों नदियां बाहर हैं। बढ़ते जल स्तर के चलते कई गांव चपेट में आ गए हैं। प्रशासन की नदी के अलावा बाढ़ प्रभावित गांवों में निरंतर नजर बनी हुई है। अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि शनिवार की दोपहर केन नदी भूरागढ़ का जलस्तर 99.60 आंका गया है। जबकि वर्तमान जलप्रवाह 276857 क्यूसेक है। वहीं बढ़ती हुई प्रवृत्ति के साथ-साथ चेतावनी का स्तर 103.00 मीटर एवं खतरे का स्तर 104.00 मीटर है। एच.एफ.एल. 113.29 मीटर है। केन के अलावा यमुना नदी चिल्ला घाट का वर्तमान जलस्तर 92.14 मीटर है। वर्तमान जलप्रवाह की प्रवृत्ति एवं गिरती हुई
खतरे का स्तर 100 मीटर है। चेतावनी का स्तर 99 मीटर एच.एफ.एल. 105.16 मीटर है। लगातार के नदी तथा यमुना नदी के बढ़ते जल स्तर को लेकर पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी लगातार चौकन्ना है। डीएम जे रीभा, के निर्देशन पर अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार ने पैलानी क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव तुर्रा नाला,पड़ोहरा,आमारा रपटा का जायजा लिया। साथ ही स्थानीय लोगों को सुरक्षित रहने के निर्देश दिए। एसपी पलाश बंसल के निर्देशन पर एडिशनल एसपी शिवराज ने चिल्ला पहुंचकर यमुना नदी का जलस्तर देखा। उन्होंने लोगों को चेतावनी दी है कि नदी का जलस्तर निरंतर बढ़ रहा है। इसलिए सुरक्षित स्थानों पर रहे। आने जाने के दौरान बिल्कुल लापरवाही न बरते। जिलाधिकारी जे रीभा ने कहा कि बाढ़ को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सजक है। जितने भी गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं वहां लोगों की आवाजाही को लेकर नाव आदि का प्रबंध करा दिया गया है। वही खानपान के भी समुचित प्रबंध के निर्देश दिए गए हैं। ताकि ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो सके।