*विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर शहर में निकाली मौन जुलूस पदयात्रा


*प्रभारीमंत्री, जनप्रतिनिधि व अफसर सहित बड़ी संख्या में जनमानस हुआ शामिल


*विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस प्रदर्शनी का किया अवलोकन*

एन.के.मिश्रा
लखीमपुर खीरी। प्रभारी मंत्री, लोक निर्माण मंत्री उप्र जितिन प्रसाद अपने निर्धारित भ्रमण कार्यक्रम के अनुसार कलेक्ट्रेट स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां डीएम महेंद्र बहादुर सिंह व एसपी संजीव सुमन ने रिसीव किया। इसके बाद प्रभारी मंत्री ने गारद की सलामी ली।
इसके बाद तय कार्यक्रम के अनुसार प्रभारी मंत्री जितिन प्रसाद कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर भाजपा जिला अध्यक्ष सुनील सिंह, विधायक योगेश वर्मा, मंजू त्यागी विनोद शंकर अवस्थी, शशांक वर्मा, डीएम महेंद्र बहादुर सिंह, एसपी संजीव सुमन सीडीओ अनिल कुमार सिंह, एडीएम संजय कुमार सिंह, ब्लाक प्रमुख पवन गुप्ता, महेंद्र बाजपेई, जनप्रतिनिधियों, अफसरों एवं बड़ी संख्या में जनमानस के साथ कलेक्ट्रेट से पुलिस लाइन जेल रोड, गुरु गोविंद चौक होते हुए विकास भवन तक मौन जुलूस पदयात्रा निकाली। यह मौन जुलूस पदयात्रा कलेक्ट्रेट से निकलकर विभिन्न मार्गों से होती हुई विकास भवन पहुंची।
*विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर विकास भवन में लगी प्रदर्शनी*रविवार की देर शाम सूबे के पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद ने जनप्रतिनिधियों, अफसरों एवं जन सामान्य के साथ विभाजन विभीषिका दिवस पर जिला प्रशासन की ओर से लगाई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी अवलोकन के दौरान सीडीओ ने प्रदर्शनी के संबंध में जनप्रतिनिधियों को जरूरी जानकारी दी। बताते चलें कि शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने विकास भवन में विभाजन विभीषिका दिवस पर एक प्रदर्शनी का आयोजन किया। यह प्रदर्शनी डीएम महेंद्र बहादुर सिंह के मार्गदर्शन व सीडीओ अनिल कुमार सिंह की अगुवाई में डीपीआरओ सोम्यशील सिंह एवं बीएसए डॉ लक्ष्मी कांत पांडेय द्वारा तैयार की गई।
*एलईडी के जरिए भी हुआ प्रदर्शनी का प्रसारण*विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की एलईडी वेन के जरिए भी प्रदर्शनी से संबंधित वीडियो एवं कंटेंट को लाइव प्रसारित किया, जिसके जरिए लोगों को विभाजन विभीषिका स्मृतियों को प्रदर्शित किया।
बताते चलें कि विभाजन विभीषिका की पृष्ठभूमि भारत का विभाजन अभूतपूर्व मानव विस्थापन एवं मजबूरी में पलायन की दर्दनाक कहानी है। यह एक ऐसी कहानी है, जिसमें लाखों लोग अजनबियों के बीच एकदम विपरीत वातावरण में नया आशियाना तलाश रहे थे। विश्वास और धार्मिक आधार पर एक हिंसक विभाजन की कहानी होने के अतिरिक्त यह इस बात की भी कहानी है कि कैसे एक जीवन शैली और वर्षो पुराने सह अस्तित्व का यु

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