घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचा,

शनिवार को 3 लाख 12 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज होने के बाद रविवार को पहुंचने पर खतरे के निशान से पार होगी घाघरा  

ज्ञान प्रकाश मिश्रा/एसपी सिंह

गोण्डा। घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ कर खतरे के निशान तक पहुंच गया है और नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है। घाघरा नदी में पहाड़ी नालो एवं बैराजों के पानी से नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया। शनिवार को सुबह घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से 3 सेंटीमीटर नीचे था, वहीं दोपहर में जलस्तर खतरे के निशान के बराबर पहुंच गया। वहीं डिस्चार्ज में भी बढ़ोतरी हुई है। शनिवार को 3 लाख 12 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रहा। जिससे अनुमान है कि रविवार को भी बढ़ोतरी जारी रहेगी। लगातार बढ़ रहे जलस्तर से बांध के आसपास के गांव के ग्रामीणों में की बेचैनी भी बढ़ रही है और गांव से उनका पलायन तेजी से शुरू हो गया है। लोग गांव को छोड़कर बांध पर सुरक्षित अपना आशियाना बनाकर रहने में सुरक्षा महसूस करने लगे हैं। वहीं माझा रायपुर गांव में पानी आने की संभावना भी तेजी से बढ़ गई है। यदि जलस्तर में बढ़ोतरी इसी तरीके से जारी रही तो माझा रायपुर गांव में जलभराव की स्थिति रविवार को पैदा हो जाएगी। उधर बारिश की वजह से एल्गिन चरसडी बांध पर कई स्थानों पर रेन कट हो गए हैं। जिससे और अधिक बारिश होने पर बांध को खतरा उत्पन्न हो सकता है। मगर संबंधित विभाग के अधिकारी उस रेन कट या बांध को देखने तक नहीं पहुंच रहे हैं और बांध भी भगवान भरोसे चल रहा है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता अमरेश सिंह का कहना है कि शनिवार को घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान के बराबर पहुंच गया है डिस्चार्ज भी बड़ा है फिलहाल बांध को किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।

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