सुगंधित धान उत्पादन तकनीक विषय पर प्रशिक्षण संपन्न

बी.के.ओझा

मनकापुर, गोंडा ।आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र मनकापुर गोंडा के शस्य अनुभाग द्वारा सुगंधित धान उत्पादन तकनीक विषय पर प्रशिक्षण संपन्न हुआ । प्रशिक्षण का शुभारंभ बाबूराम यादव ग्राम प्रधान प्रतिनिधि छिटईजोत द्वारा किया गया । उन्होंने कृषकों से वैज्ञानिक खेती अपनाने का आह्वान किया । डॉ. रामलखन सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक शस्य विज्ञान ने सुगंधित धान की उन्नतशील प्रजातियां, खेत एवं खेत की तैयारी,बीज एवं बीज शोधन, खाद उर्वरक एवं सिंचाई प्रबंधन, खरपतवार प्रबंधन एवं फसल सुरक्षा की जानकारी दी । उन्होंने बताया कि सुगंधित धान प्रजाति नरेंद्र 6093 की 12 किलोग्राम मात्रा प्रति एकड़ की दर से पौधशाला में बुवाई करें । सुगंधित धान में कार्बनिक खादों जैसे सड़ी गोबर की खाद या कंपोस्ट खाद की 60 कुंटल मात्रा प्रति एकड़ की दर से खेत की तैयारी करते समय खेत में मिलाएं । धान की रोपाई करते समय प्रति वर्ग मीटर 45 से 50 पूंजा होना चाहिए । प्रति पूंजा दो स्वस्थ्य पौधों की रोपाई करें । रोपाई करते समय पौध के ऊपरी एक चौथाई हिस्से को काट दें, जिससे रोपाई करने पर पौध गिरकर जमीन को न छुए । पौध रोपाई के एक सप्ताह बाद मृत पौधों के स्थान पर नए पौधों की पुनः रोपाई करें । खरपतवार प्रबंधन हेतु ब्यूटाक्लोर 50 ईसी की एक लीटर मात्रा को प्रति एकड़ की दर से रोपाई के तुरन्त बाद प्रयोग करें । उपरहार भूमियों में धान रोपाई के तीसरे सप्ताह में खरपतवार प्रबंधन हेतु बाइसपेरिबैक सोडियम 10% एससी की 100 मिलीलीटर मात्रा को प्रति एकड़ की दर से 150 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें । डॉ. मनोज कुमार सिंह ने सुगंधित धान की फसल में कार्बनिक खादों के महत्व एवं प्रयोग पर बल दिया । उन्होंने बताया कि कार्बनिक खादों के प्रयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति में वृद्धि होती है, साथ ही सुगंधित धान में अच्छी सुगंध मिलती है । डॉक्टर दिनेश कुमार पांडेय ने धान पौधशाला तथा धान की फसल में खैरा रोग की रोकथाम हेतु जिंक सल्फेट के प्रयोग को जरूरी बताया। उन्होंने बताया कि धान की फसल में जिंक सल्फेट 21% की 10 किलोग्राम मात्रा प्रति एकड़ से प्रयोग करें अथवा इसके छिड़काव के लिए 2 किलोग्राम जिंक सल्फेट 21 प्रतिशत तथा एक किलोग्राम बुझा हुआ चूना या 6 किलोग्राम यूरिया को 200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें । दीपक चंद्रा कोऑर्डिनेटर फसल बीमा योजना तहसील मनकापुर ने फसल बीमा की जानकारी दी । इस अवसर पर प्रगतिशील कृषकों प्रद्युम्न प्रकाश श्रीवास्तव, शिवप्रसाद यादव,अर्जुन यादव पूर्व प्रधान, देवीशरण, जुगुल किशोर वर्मा, जगन्नाथ वर्मा, श्रीमती गीता चौधरी, युवराज यादव पूर्व प्रधान आदि ने उपस्थित रहकर खेती की तकनीकी जानकारी प्राप्त की तथा प्रदर्शन हेतु निशुल्क बीज प्राप्त किया ।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published.