खुशियां  बदली गम में दो मौतों से दहला परिवार


बहन पर गिरा गमों का पहाड़ जीजा की मृत्यु बना धनंजय की मौत का कारण एक डोली दो दो अर्थिया निकली एक घर से

एन.के.मिश्रा

लखीमपुर खीरी। होई वही जो राम रच राखा यह कहावत शुक्ला के परिवार पर बिल्कुल सटीक साबित हुई मोहल्ला प्यारेपुर के रहने वाले धनंजय शुक्ला की हुई मौत  मृतक धनंजय की भतीजी शादी को लेकर परिवार मे खुशियों का माहौल था शादी की तैयारियां चल रही थी भतीजी की   7 दिसंबर को शादी थी शादी की तैयारियो के दौरान एक दिल दहला देने वाली घटना हुई दिनांक   6 दिसंबर की रात 6 बजे सामने आई मृतक धनंजय शुक्ला के जीजा की मृत्यु हो गई  जिसकी सूचना काफी  बाद में  दी गई एक तरफ जीजा धनंजय त्रिवेदी का अंतिम संस्कार हुआ दूसरी तरफ बारात आने का समय होता जा रहा था  रात  6:00 बजे धनंजय शुक्ला की तबीयत अचानक बिगड़ी और मौत हो गई   शादी के कारण मृतक धनंजय शुक्ला के छोटे भाई संजय शुक्ला ने मौत की खबर को किसी को नहीं बताया लेकिन भतिजी की शादी में न पहुंचने पर परिजनों को शंका हुई बिमारी की बात बता कर मौत की खबर पर पर्दा डाला जाता रहा  सुबह बेटी की विदाई के बाद यह बात जैसे परिजनों को पता चली घर में कोहराम मच गया बताते चलें मृतक धनंजय शुक्ला और उसके जीजा धनंजय त्रिवेदी में काफी प्रेम भाव था जो एक ही घर में रहते थे  जीजा की मौत का सदमा धनंजय शुक्ला बर्दाश्त नहीं कर पाया दिन भर इसी सोच में रहा कि मेरी बहन विधवा हो गई है परिवार को इतनी बड़ी मुसीबत आई है एक तरफ शादी है एक तरफ अर्थी उठ रही है। यह क्या हो गया सोच शेर दिल इंसान काफी टुट गया और अपने अंदर का ग़म निकालने के लिए काफी रोया मोहल्ले वासी बता रहे थे धनंजय शुक्ला पूरा दिन अजीब अजीब बातें करके रो रहे थे इतना गहरे सदमे चली गई जान धनंजय शुक्ला की मौत की खबर सुनते ही प्यारेपुर मोहल्ले में उनके निवास पर देखने वालों का तांता लगा हुआ है।

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